कॉलेज़ की दोस्त

प्रेषक : पंकज मयूर तो वो शरमाते हुए वहां से भाग गई और बोली कि मुझे नहीं पता ! तो मैं समझ गया कि आग तो दोनों तरफ लगी है। मैंने उससे अगले दिन फिर जवाब माँगा तो उसने धीरे से हाँ कर दी और कहने लगी कि ग्रुप में इस बारे में किसीको पता [...]

पड़ोसन की कुँवारी चूत फाड़ी

प्रेषक : रसित उसकी चुचियाँ इतनी मदमस्त कर देने वाली थी कि ऋषि मुनियों का भी लंड खड़ा हो जाए। दिन मैं अपने घर में बाथरूम में ना नहाकर बरामदे में नहा रहा था, चूँकि उस दिन घर पर मैं अकेला था। तभी किसी ने दरवाजा खटखटाया तो मैने कहा- नहा रहा हूँ ! बाद [...]

आंटी की तड़प

प्रेषक : जो हन्टर सहयोगी : रीता शर्मा मैं आज इन्टरव्यू दे कर जल्दी ही आ गया था। मैं सीधा ग्लोरी के बेडरूम में गया …. मैं उसे देखते ही चौंक गया। वो बिस्तर पर पेटीकोट उठा कर उल्टी लेटी थी …. और सिसकारियाँ भर रही थी। मेरे आने का उसे पता नहीं चला था। [...]

मन पसंद की चुदाई

प्रेषक : नीरज ये मामी उम्र में मुझसे भी छोटी हैं। कोई सीधा सीधा रिश्ता तो है नहीं। लेकिन मान रखा था। मामी दिखने में बहुत आकर्षक लगती हैं। जब कभी मेरे साथ स्कूटर पर बैठती तो कंधे पर हाथ रखकर बैठती और स्कूटर हलके से रोकने में भी अपने बोबे मुझसे टकरा देती। ३६+/३८ [...]

किराये का घर-२

लेखिका : कामिनी सक्सेना ” मैं नहीं, मम्मी और पापा जा रहे हैं, उनके जाते ही मैं ऊपर आती हूँ….!” मैं खुश हो उठा। मेरे मन तार बज उठे…. सोनल जैसी कमसिन…. कुंवारी लड़की के साथ मजे करने के ख्याल से ही मेरे लण्ड में उफ़ान आने लगा। मैंने अंडरवियर पहले ही नहीं पहन रखी [...]

पार्क में मज़ा

प्रेषक : सैम उसने मुझसे कहा- क्या आप मुझे बस-स्टैंड तक छोड़ देंगे? मैं तो मौके की तलाश में था, जो मुझे मिल गया। मैं उसे अपनी बाइक पर लेकर निकल गया, उसके बूब्स मेरे पीठ पर लग रहे थे और मेरा लंड खड़ा हो जाता, उसके नुकीले निप्पल मुझे पागल कर रहे थे। स्टैंड [...]

एक हसीना को गर्भवती किया

प्रेषक : शेखर एक महिला ने आकर दरवाज़ा खोला, उसकी उम्र करीब २५-२६ साल की रही होगी और उसकी फिगर ३६-२८-३८ रही होगी, उसने गहरे हरे रंग की साड़ी पहनी थी, रंग दूध जैसा सफ़ेद ! दोस्तों मैं क्या कहूँ ! उसके जैसी खूबसूरत औरत मैंने अपनी जिन्दगी में कभी नहीं देखी थी, मेरी आँखें [...]

माँ का सफर-२

(गाँव से दिल्ली) प्रेषक : मादरचोद शाम को दोनों होटल लौटने के लिए बस पे चढ़े और कमला का भाग्य कि उस बस में वो ही लड़का किनारे की सीट पर बैठा था। राहुल ने कमला को आँख मारी और कल की तरह कमला फिर वहां खड़ी हो गई। कल की तरह ही आज भी [...]

किराये का घर-१

लेखिका : कामिनी सक्सेना सहयोगी : रीता शर्मा “और बताऊं…. पापा मम्मी का पेटीकोट उतार देते है और खुद भी पायजामा उतार देते है, फिर और भी लड़ते हैं…मम्मी बहुत रोती है और हाय-हाय करती है !” मैं ये सुन कर उत्तेजित होने लगा। कि ये इतनी बड़ी लड़की हो कर भी अन्जान है या [...]

ट्रेन में मस्त चुदाई अजनबी लड़की की

लेखक : अजय और श्याम अचानक मेरी सामने वाली बर्थ से आवाज आई- क्या आपको नींद आ रही है? मैँने कहा- नहीं ! तो लड़की ने कहा- तो फिर बात करिये न ! लड़की के माँ बाप सो गये थे ऊपर वाली बर्थ पर। फिर मैंने लड़की से पूछा कि आप क्या कर रही हैं? [...]