प्रेषक : पुनीत

आंटी अपने दो बच्चे के साथ रहती हैं।

अंकल अरब-देश में नौकरी के सिलसिले में गए हुए हैं।

हम सब एक ही बिस्तर में सोए हुए थे।

आँटी बेड के एक ओर, मैं दूसरे किनारे पर और बीच में बच्चे सोए हुए थे।

अचनक नींद में आंटी के वक्ष पर मेरा हाथ लग गया।

मेरी तो घंटी बज गई।

आंटी ने मेरा हाथ पकड़ लिया।

और मैंने डर के मारे हाथ हटा लिया।

अगले दिन मैं पढ़ रहा था।

बच्चे स्कूल जा चुके थे।

आंटी मेरे पास आई और पूछा- कल क्या हुआ था?

शायद आंटी का मन बन चुका था कुछ करने-कराने का !

उनकी उमर यही कोई ३४ साल होगी।

मैंने कहा- गलती से लग गया था, सॉरी !

वो हंसने लगी और उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अपने स्तनों पर रख दिया।

पूरी कहानी यहाँ है !