पत्रकारों का कहना है कि टम्पा-बलात्कारी जोसेफ फ्रेई का बारह वर्ष की अवस्था में यौन-शोषण किया गया था। जोसेफ फ्रेई वह बलात्कारी व्यक्ति है जिसने पहली अगस्त 200 को जेल से रिहा होने के बाद कई हफ्तों तक पुलिस को नाकों चने चबवा दिए थे।
बाल व परिवार विभाग के दस्तावेजों के अनुसार जब फ्रेई 172 में अपने घर में रहता था, तो उसके सौतेले बाप ने उसका यौन-शोषण किया था। उसके यौन-शोषण के बाद भी वह कई घरों में रहा और उसके साथ यही व्यवहार किया जाता रहा, उसके बाद उसके ऊपर चोरी का इल्ज़ाम लगा। जोसेफ फ्रेई के सौतेले पिता पर भी गुण्डागर्दी व यौन-शोषण के आरोप लगाए गए थे।
सेन्ट पीटर्सबर्ग टाईम्स की रिपोर्टों को अनुसार, जोसेफ फ्रेई के अपने पिता का निधन 1971 में ही हो गया था। जब फ्रेई की अवस्था 11 वर्षों की थी, तब उसे स्टेट ऑफ फ्लोरिडा के बाल-गृह में रखा गया था। इसके अगले वर्ष वह अपने पैतृक स्थान पर वापस लौट गया था, और तभी उसके साथ यौन-शोषण की घटना हुई। उसके बाद उसे अलग रखा गया, और फिर एक दिन उसे चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया। फ्रेई बार-बार घरों से भागता रहता था, फिर उसे सुधार-गृह में रख दिया गया। 1976 में फ्रेई की माँ का कैंसर से देहावसान हो गया। फ्रेई के दो भाई व एक बहन थी। उसकी बहन ने भी पीड़िता के लिए टिप्पणी की और दुःख प्रकट किया था जिसका जोसेफ ने बलात्कार किया, साथ ही उसने अपने भाई के प्रति निराशा भी व्यक्त की। जेसेफ फ्रेई ने प्लांट सिटी हाई-स्कूल में दाखिला तो लिया था पर डिप्लोमा पूरी होने के पहले ही अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी।
उसके बारे में उसके मानसिक रूप से स्वस्थ न होने की भी सूचना आई। इस बाबत उसका पूरी तरह से मानसिक परीक्षण भी किया गया। पर जाँचकर्त्ताओं के अनुसार उसके साथ बलात्कार के मामले में पहले कोई परीक्षण नहीं किया गया था। उन्हें यह भी विश्वास था कि इसे किसी प्रकार का मानसिक रोग भी नहीं है जिसके कारण वह पुनः बलात्कार करने को उद्यत हो।
जोसेफ फ्रेई को 3 सितम्बर 2009 को सज़ा सुनाई गई। वर्त्तमान समय में वह ओरिएंट रोड जेल में बिना मुचलके के बन्द है।

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