बी के कहते हैं:
अँजली आँटी
(प्रश्न: क्या पत्नियों की अदला-बदली सुरक्षित है और इसे कैसे करते हैं? क्या इस दौरान सामूहिक सहवास व नग्न चित्र-सत्र भी किया जाता है?)
ऐसा लगता है कि मेरा यह प्रश्न सदा आपकी आँखों से ओझल हो जाता है। मुझे आशा है कि इस बार ऐसा नहीं होगा। मैं हमेशा आपके उत्तर व सलाह पढ़ता रहता हूँ और निश्चित रूप से वे अच्छे और पालन करने योग्य होते हैं।
आन्टी मेरे मन में यह इच्छा जागृत हो गई है कि मेरी पत्नी और मैं सामूहिक सहवास में शामिल हों जैसा कि ब्लू-फिल्मों में दिखलाया जाता है। और मेरी यह सोच इतनी प्रबल हो गई है कि मैं अपनी पत्नी के साथ भी रोल-प्ले में शामिल हो जाता हूँ और हम एक विषय सोच कर सहवास करते हैं, जैसे कि बलात्कार, सार्वजनिक जगहों में सामूहिक सहवास इत्यादि।
मैं पाया कि अधिकतर मौक़ो पर मेरी पत्नी ने सार्वजनिक रूप से सामूहिक सहवास को चुनने को प्राथमिकता दी। अब मुझे शंका है कि जब वह सार्वजनिक-सामूहिक सहवास में इतने मज़े लेती है तो हो सकता है कि उसे इसका अनुभव हो, और अगर उसे अनुभव नहीं है तो अब मेरा प्रश्न यह है कि यह भावना उसे थोड़ा छिनाल की तरह बना रही है जौ हम दोनों के लिए अच्छा ही है। अब मुझे भी प्रबल इच्छा होती है कि मैं उसे किसी ऐसे तरह के सामूहिक सहवास के दौरान देखूँ। और हो सकता है कि उसकी भी यह इच्छा होती हो कि उसे कई पुरुष एक साथ चोदें। तो क्या पत्नियाँ बदलने का यह खेल हम दोनों के लिए अच्छा होगा?
या क्या आप इस भावना से निकलने के लिए कोई अन्य उपाय बता सकतीं हैं?
मेरी दूसरी समस्या है कि मेरी पत्नी मेरा शिश्न-चूषण पसन्द नहीं करती और अपनी गुदा में मैथुन भी नहीं करने देती। इसके लिए क्या कोई उपाय या दवा इत्यादि है जिसका प्रयोग मैं कर सकूँ।
कृपया मुझे कुछ अच्छा समाधान बताएँ।
अँजली आँटी कहतीं हैं:
हाय बी के।
मुझे लगता है कि आप स्वयं और अपनी पत्नी के बारे में ढेर सारी दुविधाओं से घिरे हुए हैं।
मुझे यह पसन्द आया कि आप दोनों अपनी कल्पनाओं के सागर में उड़ते हुए सेक्स का आनन्द ले रहे हैं। यह एक स्वस्थ सम्बन्ध का परिचायक है। अपने यौन-जीवन को मज़ेदार बनाए रखना ही तो अच्छे रिश्तों की बुनियाद है, और इसके साथ ही ईमानदारी व बातचीत भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसी विषय को लेकर अपनी कल्पनाएँ गढ़कर सहवास करने से आपको नित नए आनन्द का अनुभव होता है। आशा है कि इसे हमारे अन्य पाठक भी समझेंगे और जानकारी प्राप्त करेंगे।
आपकी सार्वजनिक तौर पर व सामूहिक चुदाई की कल्पना अच्छी है और इसमें कोई बुराई नहीं है। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि आपकी पत्नी अपने साथ ऐसा करवाना चाहती है। इसका सीधा मतलब यह है कि वह बस ऐसी कल्पना के साथ सहवास करना चाहती है पर अपने शयनकक्ष की सीमाओं के भीतर। मुझे नहीं लगता कि उसके अन्दर आपसे अधिक छिनालपन विकसित हो रहा है। वह तो सामान्य रूप से अपने यौन-जीवन का आनन्द ले रही है।
आपके भीतर यह भावना विकसित हो रही है कि आप अपने यौन-जीवन को और आगे बढ़ाएँ, तो इसके लिए आपको अपनी पत्नी से इस बारे में बात करनी चाहिए और पता करें कि क्या उसकी रुचि भी इसमें है अथवा नहीं। उससे बात करके पूछने के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं है जिससे आपको पता चल सके कि वह इस बारे में क्या सोचती है। मुझे लगता है कि इस बात से आपके ऊपर ही नकारात्मक प्रभाव होंगे। आप ही क्रुद्ध हो सकते हैं अगर आपने ऐसा कुछ किया और अगर वह इसे पसन्द करने लगी तो।
अगर आप पत्नियों की अदला-बदली में शामिल होना चाहते हैं तो सुनिश्चित कर लें कि आपदोनों की सहमति इसमें होनी ही चाहिए। आप हमारी इस वेबसाईट और इन्टरनेट पर तलाश कर लें कि पत्नियों की अदला-बदली कैसे की जाती है या की जानी चाहिए। आप वेबकॅम के ज़रिए दूसरे युगलों से चैंटिग करके इसकी शुरुआत कर सकते हैं। वे आपको देखेंगे और आप भी उन्हें देखेंगे। अगर सबकुछ अच्छा रहा तो आप आगे जा सकते हैं, अगर ठीक नहीं चला तो किसी को कोई समस्या भी नहीं होगी।
आपकी अन्य दो समस्याएँ अपनी पत्नी को लेकर हैं। उसके ऐसा न करने के कारण अवश्य ही कोई कारण होगा। शिश्न-चूषण, व गुदा-मैथुन तो व्यक्तिगत पसन्द की बातें हैं। जब तक कोई विशेष कारण न हो, अधिकतर लड़की शिश्न-चूषण से मना नहीं करेगी। आप उससे इस बारे में बात करें। गुदा-मैथुन एक सामान्य सी बात नहीं है जैसा कि आप ब्लू-फिल्मों में देखते होंगे। आप उससे इस बारे में भी बात करें। यह उसके लिए असहज और कभी-कभी दर्द भरा भी हो सकता है।
कभी भी उसे दवा खिलाकर या किसी तरह की चालबाज़ी करके ऐसा कुछ करने की कृपया कोशिश न करें।
गुड लक।
0 Comments until now