प्रेषक : बाबा

उन्हें चोदने को हुआ। बहुत बार मैं उनके पास जाता था, छेड़ता था पर वो मुझसे दूर हो जाती थी ! मेरी आंटी बहुत बदमाश भी थी। मेरे और उनके परिवार में बनती नहीं थी।

…आंटी का गांव के एक आदमी से चक्कर चल रहा था इसीलिए मैं उन पर ट्राई मारना चाह रहा था पर वो हाथ ही नहीं रखने देती थी।

एक दिन उनकी दाढ़ में दर्द हुआ और वो शहर गई तो वापस नहीं आई। उनके मरने की ख़बर आई।

कुछ दिनों बाद मेरे अंकल ने दूसरी शादी कर ली। मेरे अंकल के दो बेटे और दो बेटियाँ थी।

नई आंटी दिखने में सुंदर थी पर रँग थोड़ा साँवला था ! उसके बूब्स बड़े बड़े थे !

कहानी की शुरुआत शादी से ही हो गई। शादी के बाद मेरा उनसे बोलना-मिलना बढ़ गया।

एक दिन उनके यहाँ कोई नहीं था, आंटी सफाई कर रही थी। मैंने भी उनकी मदद की। ऊपर से कुछ निकालना था तो मैं मेज पर चढ़कर निकालने लगा। आंटी ने मुझे पकड़ कर रखा था, उनके स्तन मुझे पीछे से टकराने लगे जिससे मुझे मजा आने लगा। फिर अलमारी हटाते हुए उनके बूब्स को छुआ, मुझे बहुत मजा आ रहा था।

बहुत देर तक ऐसा चलता रहा। फिर कील ठोकते हुए मैं उनके बूब को छू रहा …

पूरी कहानी यहाँ है !