निलेश कहते हैं:
हाय अँजली, आपने अपने कई उत्तरों में गुदा-मैथुन की काफी अनुशंसा की है, जो कि कई (समाचारपत्रों व पत्रिकाओं में सेक्स सलाह स्तम्भ में प्रकाशित) डॉक्टरों की सलाह के अनुसार सुरक्षित नहीं है। विशेषकर गुदा-मैथुन करने के बाद योनि में लिंग प्रविष्ट करवाने पर यह रोगों का कारक बन सकता है और क्या स्त्रियाँ को गुदा-मैथुन करने में आनन्द आता है, क्योंकि जो भी चीजें दर्द पहुँचातीं हैं उसमें आनन्द कैसे आ सकता है चाहे किसी स्त्री को इसकी आदत ही क्यों न पड़ चुकी हो। क्या स्त्री द्वारा पुरुष का वीर्य पीना और पुरुष द्वारा स्त्री का स्खलित-द्रव पीना ठीक है, क्या इससे स्वास्थ्य को कोई हानि नहीं है?

अँजली आँटी कहतीं हैं:

हाय निलेश।

आपके इस प्रश्न में बहुत सारे प्रश्नों का अम्बार लगा हुआ है, पर मैं प्रयत्न करुँगी कि मैं सभी का समुचित उत्तर दे सकूँ। मैं यह नहीं कह सकती कि मैं गुदा-मैथुन या किसी अन्य प्रकार के सेक्स-कार्यकलापों की अनुशंसा करती हूँ। मैं हर उस बात की अनुंसशा करती हूँ जिसे लोग प्रयोग के तौर पर अपनी सुविधानुसार व विश्वास के साथ करना चाहते हैं। मैं किसी से ऐसा कभी करने के लिए नहीं कहती जो वह नहीं करना चाहते हैं। जो बातें आपने गुदा-मैथुन के बारे में कहीं हैं, तो मैं कुछ हद तक डॉक्टरों की बात से सहमत हूँ। गुदा-मार्ग रोग-संक्रमण के लिए आदर्श जगह है। इसका मतलब है कि अगर आप असुरक्षित रूप से गुदा-मैथुन करकते हैं और आप अपने पार्टनर का इतिहास नहीं जानते तो हो सकता है कि उसे कोई यौन-रोग रहा हो और यह आपको भी आसानी से हो जाए। यही कारण है कि एड्स समलैंगिकों में तेज़ी से फैल रहा है। मैं डॉक्टरों से असहमत भी हूँ, क्योंकि गुदा-मैथुन मज़ेदार होता है अगर दोनों पक्ष इसके तैयार हों, सुरक्षित रूप से मैथुन करें और बहुत सारी चिकनाई का प्रयोग करें।

क्या स्त्रियों को गुदा-मैथुन करने में मज़ा आता है? कुछ को तो बहुत मज़ा आता है और अन्य इसे पसन्द ही नहीं करतीं। यह कुछ ऐसा ही है कि जैसे सभी लोगों को मसालेदार खाना पसन्द नहीं आता। इसका कोई सीधा सा उत्तर नहीं हो सकता। स्त्रियों का मज़ा उनके पार्टनर पर भी काफी निर्भर करता है। अगर वह धीमे और कोमलता के साथ ढेर सारी चिकनाई के साथ करता है तो यह मज़ेदार होगा। अगर आप बिना किसी चिकनाई के साथ कठोरतापूर्वक इसे सम्पन्न करते हैं तो निश्चित रूप से यह आपका अन्तिम गुदा-मैथुन का अनुभव हो सकता है।

अगर कोई पुरुष किसी प्रकार के यौन-रोग से पीड़ित नहीं है तो उसका वीर्यपान करना किसी भी प्रकार से ख़तरनाक नहीं है। अगर उसे कोई यौन-रोग है तो यह पीने वाले को भी हो सकता है। अगर किसी प्रकार का रोग नहीं है तो इसका स्वाद लें पीएँ, मज़े करें।

गुड लक, मज़े करें!

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