एक किसान एक वकील के कार्यालय में पहुँचता है, उसे तलाक चाहिए था।

वकील ने पूछा, “मैं आपकी क्या सहायता कर सकता हूँ?”

किसान ने कहा, “हाँ, मुझे तलाक़ चाहिए।”

वकील ने पूछा, “तुम किस ज़मीनी आधार पर तलाक़ लेना चाहते हो?”

किसान ने उत्तर दिया, “हाँ मेरे पास 140 एकड़ ज़मीन है।”

वकील ने कहा, “नहीं आप समझे नहीं। आपके पास कोई केस है?”

किसान ने कहा, “नहीं मेरे पास केस नहीं मगर आलमारी है।”

वकील ने कहा, “आप फिर से नहीं समझे, मेरा मतलब है आपके पास कोई आधार है, तलाक़ के लिए कोई जगह तो होनी चाहिए।”

किसान ने कहा, “हाँ है ना, मेरा घर है ना, वहीं तो मैं अपनी आलमारी रखता हूँ।”

वकील ने कहा, “नहीं सर, मेरा मतलब है, आपके पास सूट है?”

किसान ने कहा, “हाँ सर, मेरे पास एक सूट है, जिसे मैं विशेष मौकों पर पहनता हूँ।”

वकील झल्लाकर बोला, “क्या तुम्हारी बीवी तुम्हारी पिटाई-विटाई करती है क्या?”

किसान ने कहा, “नहीं सर, हम दोनों लगभग साढ़े चार बजे उठ जाते हैं।”

अन्ततः वकील ने पूछा, “ठीक है, चलिए ये बताईए कि आपको तलाक़ क्यों चाहिए?”

और किसान ने उत्तर दिया, “वो बात ऐसी है, कि हम दोनों में जो भी बातचीत होती है, बेमतलब की होती है!”