प्रेषक : पंकज मयूर
तो वो शरमाते हुए वहां से भाग गई और बोली कि मुझे नहीं पता !
तो मैं समझ गया कि आग तो दोनों तरफ लगी है। मैंने उससे अगले दिन फिर जवाब माँगा तो उसने धीरे से हाँ कर दी और कहने लगी कि ग्रुप में इस बारे में किसीको पता नहीं चलना चाहिए तो मैंने हाँ में जवाब दिया क्यों कि मैं भी यही चाहता था। इस तरह हम दोनों में बातें गहरी होती गई और सारी सारी रात हम दोनों फ़ोन पर बात करने लगे।
एक दिन हम दोनों ने मूवी देखने की सोची और वो मान गई। मूवी लगी थी- दोस्ताना !
हम सुबह ही कॉलेज से निकल गए और थिएटर जाकर टिकेट ख़रीदे। हमें एक तरफ कोने की सीट मिली और अन्दर की तरफ मैं बैठ गया और बाहर उसे बिठाया।
पिक्चर शुरू हो गई। शुरुआत में ही शिल्पा शेट्टी के गर्म दृश्य आने लगे। मैं गरम होने लगा, मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और सहलाने लगा। उसने कुछ नहीं कहा तो काफी देर तक मैं ऐसे ही उसके हाथ के साथ अपना हाथ फेरता रहा। मैं पूरा गरम हो चूका था पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी कि मैं इससे आगे बढूँ !
इतनी देर में मुझे पता ही नहीं चला कि कब मध्यांतर हो गया और मैं कोल्ड ड्रिंक्स लेने बाहर चला गया। फिर थोड़ी देर बैठ कर कोल्ड ड्रिंक्स पीने के बाद मैं फिर से बाहर चला गया और अपने लण्ड को सेट करके फिर से आकर बैठ गया। मैंने फिर से उसका हाथ पकड़ा पर इस बार मैंने मन बना लिया कि चाहे कुछ भी हो जाए अब काम को आगे……..
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