जैक और बेट्टी उनकी ५० वीं सालगिरह मना रहे हैं, तभी जैक अपनी पत्नी से पूछता है, “बेट्टी, क्या तुमने मुझे कभी धोखा दिया है?”

बेट्टी ने उत्तर दिया, “ओह जैक, तुम अभी इस तरह के प्रश्न क्यों पूछ रहे हो? तुम ऐसे प्रश्न अभी नहीं पूछने चाहिए।”

“हाँ, बेट्टी, मैं अभी जानना चाहता हूँ। बताओ ना।”

“ठीक है, हाँ मैंने धोखा किया, तीन बार किया…”

“तीन बार?!? अच्छा कब-कब?” उसने पूछा।

“जैक, तुम्हे याद है जब तुम ३५ वर्ष के थे और तुम हर हाल में अपना खुद का व्यवसाय आरंभ करना चाहते थे, और बैंक तुम्हें ऋण नहीं दे रहा था? पर, एक दिन बैंक-प्रमुख स्वयं चलकर तुम्हारे पास आया और ऋण के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, वो भी बिना प्रश्न पूछे?”

“ओह बेट्टी, ये तुमने मेरे लिए किया? चलो इसके लिए मुझे दुःखी नहीं होना चाहिए। अच्छा दूसरा वाला कब किया?”

“जैक, तुम्हें याद है जब तुम्हें दिल का दौरा पड़ा और तुम्हें बहुत ही जोखिम भरे ऑपरेशन की ज़रूरत थी और कोई भी शल्य-चिकित्सक यह करने को तैयार नहीं था? तभी, डॉ डीबॅके कहीं से आए और उन्होंने तुम्हारा ऑपरेशन स्वयं किया?”

“ओह बेट्टी, तुमने मेरे लिए यह सब किया, मेरा जीवन बचाने के लिए। ऐसा करके तुमने यह सिद्ध किया, कि तुम मुझसे सच्चा प्यार करती हो डार्लिंग। मैं इससे दुःखी कैसे हो सकता हूँ? अच्छा ये तो ठीक है, तीसरा कब किया?”

“जैक, तुम्हें याद है कि कुछ सालों पहले, जब तुम हर हाल में गोल्फ क्लब के प्रेसीडेन्ट बनना चाहते थे, और तुम्हें ३७५ लोगों के वोट कम पड़ रहे थे?”