दो ननों को एक कमरे को रंगने की आज्ञा मिली, और उन्हें यह निर्देश भी दिया गया कि उनके कपड़ों पर रंग की एक बूँद भी नहीं गिरनी चाहिए। दोनों ने इसपर काफी सोचा, और अन्त में यह निर्णय लिया कि वे कमरे का दरवाजा बन्द कर लेंगी, अपने कपड़े उतार कर रख देंगी, उसके बाद नंगे ही कमरे को रंगेंगी।

काम के बीच में दरवाजे पर दस्तक होती है। “कौन है?” एक नन ने पूछा।

“अन्धा आदमी,” उत्तर में दरवाजे के दूसरी ओर से एक आवाज़ आती है। दोनों नंगी ननें एक दूसरे को देखती हैं, और सोचती हैं कि अन्धे से उन्हें क्या समस्या हो सकती है, तो चलो उसे कमरे में आने देते हैं। उन्होंने दरवाजा खोल दिया।

“गज़ब की चूचियाँ हैं,” आदमी कहता है, “अब यह बताईए कि इन अन्धों को कहाँ ले जाना है?”