फ़राज़ कहते हैं:
मैं कुछ दिनों में गुदा-मैथुन का आनन्द लेनेवाला हूँ। मेरी पार्टनर कुँवारी है इसलिए किसी भी यौन-रोग व एच आई वी से मुक्त है… यह हमारे लिए पहली बार होगा… मैं जानना चाहता हूँ कि अगर हम यह करेंगे तो क्या किसी प्रकार के यौन-रोग के संक्रमण का ख़तरा होगा?
कृपया उत्तर दें… धन्यवाद
अँजली आँटी कहतीं हैं:
हाय फराज़। आप बहुत ही भाग्यशाली है। किसी कुँवारी के साथ गुदा-मैथुन करने वाले बिरले ही होते हैं। मुझे विश्वास है कि आपको अपनी महिला-मित्र के साथ अत्याधिक आनन्द आएगा। अपने भागीदार के साथ प्रथम बार गुदा-मैथुन करने के पहले मैं आपको कुछ उपयोगी व ज़रूरी सलाह देना चाहूँगी। यदि आप दोनों ही किसी भी प्रकार के यौन-रोगों से मुक्त हैं व कुँवारे हैं तो आप को किसी प्रकार की चिन्ता नहीं होनी चाहिए। पर बेहतर होगा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से आप एक काण्डोम का प्रयोग करें।
इस प्रक्रिया को दोनों ही धीरे-धीरे करें। आप स्वयं को पहले अपने पसन्दीदा पूर्व-क्रियाओं से पूर्णतः उत्तेजित करें। अगर वह पूर तरह से उत्तेजित नहीं हो पाती है तो उसके लिए यह थोड़ा तक़लीफ भरा हो सकता है, जिसका मतलब है आपका मज़ा किरकिरा हो सकता है। अतः उसकी चूत से खेलें, उसके भग्नाशेषों को रगड़ें और उसकी घुण्डोयं को चूसें। इन क्रियाओं से उसकी चूत से द्रव बाहर आएगा, और वह काफ़ी गरम हो जाएगी। फिर आप अपनी ऊँगली में पर्याप्त मात्रा में चिकनाई लगाकर उसकी गाँड की छेद में सरका दें। अगर वह आनन्द लेते हुए सिसकारियाँ ले तो आप आगे बढ़ें अन्यथा फिर से ढेर सारी चिकनाई का प्रयोग करें। जल्द ही उसे काफ़ी मज़ा आने लगेगा और आप दूसरी उँगली भी घुसा सकेंगे। आप अपनी उँगली का प्रयोग तबतक करते रहें जबतक कि वह आपके कड़क लंड को लेने के लिए तैयार न हो जाए।
अब अपने लंड व उसकी गाँड की छेद को अधिक से अधिक चिकनाई युक्त करें। आप उसकी गति से सामंजस्य बनाकर चलें। आप के लिए सबसे अच्छी सलाह होगी कि आप पीठ के बल लेट जाएँ और लंड खड़ा करके रखें। फिर उसे अपने खड़े लंड पर आने दें, और यह उसकी इच्छानुसार करें। आप बस लेटे रहें और इस अनुभव का आनन्द उठाएँ। जब वह सहजता से तेज़ी से करने लगे फिर आप पुरानी कुत्तों वाली स्थिति में आकर उसकी गाँड की अपने तरीके से धज्जियाँ उड़ा सकते हैं।
आराम से करें, उसे करने दें और भरपूर मज़े लें।
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