प्रेषक : विकास कुमार
जैसे ही मैंने कीबोर्ड पर लिखना शुरू किया तो मेरा हाथ कविता के बूब्स पर लग गया। उसके बूब्स एक दम कड़क थे। फिर मैंने आपनी साईट खोली तो उसमे सेक्सी पिक्चर आई हुई थी। जैसे ही वो खुली तो मैंने उन्हें झट से बंद कर दिया।
उसने कहा- क्या था ये?
मैंने कहा- तुम्हारे मतलब की चीज नहीं है !
उसने कहा- दिखाओ तो सही !
मैंने कहा- तुम बुरा तो नहीं मानोगी?
उसने कहा- नहीं मानूंगी !
फ़िर मैंने वो फोटो खोल दी। वो उसे देख कर शरमा गई और नज़रे नीचे झुका ली।
फ़िर मैंने पूछा- तुम ऐसी फोटो पसंद करती हो क्या?
उसने कहा- नहीं !
फ़िर मैंने कहा- और देखना चाहती हो?
तो उसने शरमाते हुए कहा- तुम्हारी मर्जी !
मैं समझ गया कि अब वो तैयार है। मैंने उसे और फोटो दिखाई फ़िर मैंने उसे पूछा कि तुमने कभी सेक्स किया है?
उसने कहा- कभी नहीं !
मैंने उसका हाथ अपने हाथ में लेकर …
पूरी कहानी यहाँ है !
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